Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the news-portal domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in C:\inetpub\vhosts\cavarunsharma.in\talkingpunjab.in\wp-includes\functions.php on line 6131 भारत में लॉकडाऊन जैसी स्थिति नहीं .. लोग ऐसी अफवाहों पर मत दें ध्यान – My CMS
देश में पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त भंडार.. पैट्रो उत्पादन की कमी जैसी खबरें फिलहाल आधारहीन
टाकिंग पंजाब।
ब्यूरो। ईरान व अमेरिका इजरायल के बीच चल रहे युद्द के चलते दुनिया भर में पैट्रो उत्पाद की कमी हो रही है। युद्द लंबे समय तक खिचने से पैट्रोलियमपद्दार्थो की कमी हो सकती है। इसके चलते कुछ देशों ने तो कुछ पाबंदिया भी लगा दी है। इस हालात में भारत में एक खबर तेजी से फैल रही है कि देश में लॉकडाऊन जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसी खबरों ने लोगों के मन में चिंता का संचार कर दिया है, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही है। देश में अगर लॉकडाऊन लगता भी है तो वह पहले जैसा लॉकडाऊन नहीं होगा। इस लॉकडाऊन में कुछ पाबंदिया लग सकती है, लेकिन यह पूर्ण रूप से लॉकडाऊन नहीं होगा। दरअसल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ता भी है, तब भी भारत के पास पर्याप्त तेल का स्टाक व वैकल्पिक सप्लाई चैन मौजूद हैं। सरकार ने भी साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है। इसलिए इंडिया में पेट्रे उत्पादन की कमी जैसी खबरें फिलहाल आधारहीन हैं। सरकार ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि देश में लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं बनने जा रही है। लोगों से सिर्फ यह अपील की गई है कि वह संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें व अफवाहों पर ध्यान न दें। फिलहाल सच्चाई यही है कि भारत में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया ट्रेंड, पुरानी यादों व वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुई आशंका का नतीजा है। सरकार की तैयारी और प्रधानमंत्री के बयान से साफ है कि देश इस बार पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है। इसलिए घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। हां अगर भारत में लॉकडाऊन लगता भी है तो वह मात्र एनर्जी लॉकडाउन हो सकता है। इसमें बस पैट्रो उत्पादों को संभाल कर खर्च करने व उसको सीमित करने, इन उत्पादों की फिजूल खर्ची बंद करने व इनको बचाने की तरफ कोई कदम उठाया जा सकता है। हालांकि ऐसा हो यह भी कोई जरूरी नहीं है, लकिन अगर एनर्जी लॉकडाऊन लगता है तो जानिए क्या हो सकता है प्रभावित.. परिवहन : निजी कार, बाइक, हवाई जहाज, बसें व ट्रेनें हो सकती हैं। पेट्रोल पंपों पर निजी वाहनों के लिए पेट्रोल डीजल सिमित किया जा सकता है..> फैक्ट्रियां व उद्योग : गैर जरूरी फैक्ट्रियां बंद हो सकती हैं। सिर्फ जरूरी सामान बनाने वाली फैक्ट्रियां को ही चलाने की अनुमति दी जा सकती है.> दुकानें व मॉल : गैर-जरूरी सामान वाली दुकानें व मॉल बंद हो सकते हैं… > बिजली कटौती : बिजली केवल सीमित समय के लिए उपलब्ध हो सकती है..> स्कूल व कार्यालय : स्कूल बंद करके ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। सरकारी अधिकारियों को ऑफिस की बजाय घर से काम करने के लिए कहा जा सकता है..> इसके अलावा अस्पताल, आपातकालीन सेवाएं, खाद्य आपूर्ति, पुलिस और सेना की सेवाएं जारी रहेंगी