Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the news-portal domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in C:\inetpub\vhosts\cavarunsharma.in\talkingpunjab.in\wp-includes\functions.php on line 6131 शिव ज्योति पब्लिक स्कूल में क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम किया गया आयोजित – My CMS
प्रधानाचार्या प्रवीण सैली ने अतिथियों को स्मृति-चिह्न देकर किया हार्दिक धन्यवाद
टाकिंग पंजाब
जालंधर। डॉ. विदुर ज्योति,चेयरमैन ट्रस्ट, डॉ. सुविक्रम ज्योति, चेयरमैन कम मैनेजर, मैनेजिंग कमेटी; जनरल सैक्रेटरी ट्रस्ट, प्रधानाचार्या प्रवीण सैली की अध्यक्षता में, उपप्रधानाचार्या रमनदीप तथा सहायक उपप्रधानाचार्या ममता अरोड़ा के सहयोग से विद्यालय में शिक्षकों के लिए ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ के अंतर्गत कौशल बोध शिक्षा के कार्यान्वन हेतु सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूलों के 100 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दुर्गा द्वार पर स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करके, माँ सरस्वती के समक्ष ज्योति प्रज्ज्वलन के बाद सरस्वती वंदना से हुआ। शिक्षकों द्वारा ‘टीचर्सप्रेयर’ के बाद प्रधानाचार्या प्रवीण सैली ने रिसोर्सपर्सन के रूप में उपस्थित हरमीत कौर वड़ैच (प्रिंसिपल, ननकाना साहिब पब्लिक स्कूल, लुधियाना) तथा अजय खोसला (टीचर एजुकेटर डीएवी कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, अबोहर) का स्वागत किया। अजय खोसला ने शिक्षकों को बताया कि एनईपी 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप ‘कौशलबोध’ सत्र 2025-26 से छठी से आठवीं कक्षा के लिए सीबीएसई द्वारा अनिवार्य किया गया पूर्व-व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम है, जो अनुभव और परियोजना पर आधारित शिक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों को इस सेमिनार के मुख्य उद्देश्य बताते हुए विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या-समाधान, टीमवर्क और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने तथा उन्हें कार्यान्वित करने के तरीकों पर चर्चा की। हरमीत कौर वड़ैच ने कौशल-आधारित विभिन्न प्रोजेक्ट्स की उदाहरण देते हुए शिक्षकों को बताया कि किस प्रकार विद्यार्थियों से उनके विचारों को उत्पाद और सेवाओं में बदलने का अभ्यास करवाया जा सकता है। उन्होंने ‘कौशलबोध’ गतिविधियों के लिए निर्धारित पुस्तकों का प्रभावी उपयोग करने, विद्यार्थियों की योग्यता का विकास करने, उचित दस्तावेज़ीकरण करने तथा विद्यार्थियों द्वारा निर्मित परियोजनाओं को प्रदर्शित करने के लिए शैक्षणिक सत्र के अंत में कौशल-मेले का आयोजन कराने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानाचार्या प्रवीण सैली ने अतिथियों को आभारस्वरूप नन्हें पौधों के साथ स्मृति-चिह्न देकर उनका हार्दिक धन्यवाद किया । उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में ‘कौशलआधरितशिक्षा’ हेतु शिक्षकों को सीबीएसई द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम संरचना, शिक्षण पद्धति, परियोजना कार्यान्वयन रणनीतियों और मूल्यांकन मानदंडों से भली प्रकार से परिचित कराया गया, जिससे सभी शिक्षक लाभान्वित हुए। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंच संचालन मेघा कुमार द्वारा किया गया। भूपिंदरजीत सिंह ने तकनीकी कार्यव्यवस्था में सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभाई किया।