कितना गिरता जा रहा है राजनीति का मयार… नेता कर रहे हैं कैसे कैसे शब्दों का इस्तेमाल

आज की ताजा खबर पॉलिटिक्स
Spread the love

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल किया “आतंकी” शब्द

टाकिंग पंजाब

नई दिल्ली। हिंदी फिल्म का एक बेहतरीन गीत है, यह क्या जगह है दोस्तों, यह कौन सा मयार है..?। इस गीत में इस्तेमाल हुआ शब्द मयार कितना दिल को छू लेने वाला है, लेकिन अफसोस की बात है कि इस समय राजनीति का मयार बुरी तरह से गिर रहा है। जी हां दोस्तों, राजनीति में नेता एक दूसरे लिए कितने आपतिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि राजनीति का मयार कितना गिरता जा रहा है। ताजा मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का सामने आया है, जिन्होनें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर “आतंकी” शब्द का इस्तेमाल कर दिया है। हालांकि इस मामले को तूल पकड़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी पर सफाई पेश की है। इसके बावजूद बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस को “अर्बन नक्सल पार्टी” करार दिया है।

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर “आतंकी” शब्द का इस्तेमाल किया। जब एक पत्रकार ने उनसे इस टिप्पणी का संदर्भ पूछा, तो खरगे ने स्पष्ट किया कि उनका मतलब ये था कि प्रधानमंत्री मोदी “लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। असल मैंने कभी यह नहीं कहा कि वह एक आतंकवादी हैं… मेरा मतलब, जिसे मैं साफ करना चाहता हूं, यह है कि मोदी हमेशा धमकाते हैं। ईडी, आईटी, सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके हाथों में हैं। वह परिसीमन को भी अपने हाथों में लेना चाहते हैं। इसलिए मेरा मतलब इस बात से था कि वह लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा-धमका रहे हैं. मैंने कभी यह नहीं कहा कि वह एक आतंकवादी हैं।

   खरगे की इस सफाई के बाद भी बीजेपी संतुष्ट नहीं दिखी। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि कांग्रेस एक “अर्बन नक्सल पार्टी” है और इसी वजह से खरगे प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। जहरीले बयानों का लगातार इस्तेमाल होना यह साफ करता है कि कांग्रेस पार्टी का “रिमोट कंट्रोल” राष्ट्र-विरोधी ताकतों के हाथ में है। कांग्रेस और डीएमके को इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस से माफी की मांग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें शर्म महसूस होती है कि कांग्रेस और डीएमके इस स्तर तक गिर गए हैं कि भारत की जनता द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री को आतंकवादी कह रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी व एमके स्टालिन से प्रधानमंत्री और भारत की जनता से माफी मांगने की मांग की।

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि यह कांग्रेस की मानसिकता और सुनियोजित राजनीति को दर्शाता है। राहुल गांधी के इशारों पर लगातार मोदी जी का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है. राहुल गांधी के इशारे पर ही मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें ‘आतंकवादी’ कहा। यह वही कांग्रेस पार्टी है, जो ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’ कहती है, यह वही कांग्रेस पार्टी है, जो बड़े-बड़े आतंकवादियों के साथ खड़ी नजर आती है। यह वही कांग्रेस पार्टी है, जो जाकिर नाइक को शांति का दूत कहती है, लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए, जब-जब उसने मोदी जी का अपमान किया है, तब-तब देश की जनता ने उसे करारा जवाब दिया है।

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने खरगे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘आतंकी’ कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के किसी नेता ने देश के प्रधानसेवक के प्रति घृणा भरी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया हो। यह कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। लोकतंत्र में विरोध हो सकता है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के प्रति ऐसी नफरत फैलाना बेहद शर्मनाक है। खड़गे को अपने इस बयान के लिए तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *