
आवारा कुतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक… कुत्तों से ज्यादा लोगों की जान की सुरक्षा जरूरी

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इस दौरान अदालत ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी को लेकर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देशों को वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। आपको बता दें कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसे पब्लिक प्लेस से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने कहा था कि कुत्तों को शेल्टर होम्स में रखें और उन्हें वापस न छोड़ें। कोर्ट ने सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर भी बैन लगाया था। इसके बाद डॉग लवर्स और एनजीओ ने इन निर्देशों को रद्द करने के लिए कई याचिकाएं दाखिल की थीं, जिसको आज सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था। फिर 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर से 8 हफ्ते के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ विरोध होने पर 22 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने कहा कि जिन कुत्तों में रेबीज नहीं है व जो आक्रामक नहीं हैं, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है, जहां से पकड़ा गया था। बाद में मामले का दायरा पूरे देश तक बढ़ा दिया गया। फिर 7 नवंबर 2025 को कोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्यों और एनएचएआई को हाईवे, अस्पताल, स्कूल और दूसरे संस्थानों के आसपास से आवारा जानवर हटाने को कहा था।



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