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दिल्ली में बेसमेंट्स में चल रही हैं स्टडी क्लास, लाइब्रेरी व अन्य गतिविधियां .. पंजाब में भी आम देखा जा सकता है ऐसा ही नजारा
हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर बेसमेंट में लाइब्रेरी व क्लास कैसे चल रही थीं ? हैरानी की बात तो यह है कि यह कोई गांव-देहात का इलाका नहीं है, सेंट्रल दिल्ली है। सूत्रों की माने तो आधी दिल्ली बेसमेंट से ही चल रही है। दिल्ली में भारी संख्या में स्टडी क्लास, लाइब्रेरी व अन्य गतिविधियां बेसमेंट्स में चल रही हैं। ऐसा ही नजारा पंजाब व अन्य राज्यों में भी देखा जा सकता है। इसमें लापरहावी किसी आंकी जा सकती है ? क्या बेसमेंट में अपनी दुकान चला कर बच्चों की जिंदगी दाव पर लगाने वाला वाला ही गुनाहगार है या फिर इस बेसमेंट में दुकान चलाने की इजाजत देने वाला विभाग या विभागीय अधिकारी इसके जिम्मेदार हैं ?। हालांकि इसका जवाब मिलना जरा मुश्किल लग रहा है।
राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर हादसे के प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संस्थान के मालिक की ओर से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने में घोर आपराधिक लापरवाही बरती गई। बेसमेंट में स्थित पुस्तकालय अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था और इसमें केवल प्रवेश व निकास का एक ही दरवाजा था। यह दरवाजा भी जो बायोमेट्रिक आधारित था और पानी के कारण बंद हो गया था। जांच अधिकारी का कहन था कि यदि बाहर निकलने का रास्ता खुला होता तो छात्र बच सकते थे। दरअसल राजेंद्र नगर में बड़ा बाज़ार रोड यूपीएससी परीक्षा तैयारी कोचिंग केंद्रों का केंद्र है, लेकिन बुनियादी ढाँचे की कमियों के कारण क्षेत्र में रहने वाले हजारों यूपीएससी उम्मीदवारों का जीवन हर दिन खतरे में रहता है।
यहां पर ज्यादातर लाइब्रेरी व कोचिंग सेंटर रेजिडेंशियल बिल्डिंग के बेसमेंट में हैं। बताया जा रहा है कि इस इलाके में लगभग 150 छोटी-बड़ी लाइब्रेरी इमारतों के बेसमेंट में चल रही हैं। इन लाइब्रेरी में हजारों छात्र रोजाना आते हैं। ऐसे में आने वाले समय में कब कोई हादसा हो जाए, कहा नहीं जा सकता है। नियमों के मुताबिक देखा जाए तो बेसमेंट का इस्तेमाल कमर्शियल इस्तेमाल के लिए किया जा सकता है, लेकिन उसके कुछ नियम हैं। बेसमेंट का इस्तेमाल व्यवसायिक कार्यों के लिए सिर्फ कड़ी शर्तों का पालन करने के बाद ही संभव है। नियमों के मुताबिक बेसमेंट जहां बना है, वहां का क्षेत्रफल कम से कम एक हेक्टेयर होना चाहिए व अन्य सभी नियम लागू किए गए होने चाहिए।

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