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प्रैक्टिकल डेमोन्स्ट्रेशन में मजबूत शेल्टर ढूंढने व उनका उपयोग करने व ब्लास्ट के प्रभाव से बचाव के लिए कानों को ढकने जैसी गतिविधियाँ रहीं शामिल
इसमें प्रतिभागियों को आपातकालीन प्रोटोकॉल, सायरन संकेतों की पहचान और हवाई हमले के खतरे का त्वरित व सुरक्षित जवाब देने के बारे में प्रशिक्षित किया गया। प्रैक्टिकल डेमोन्स्ट्रेशन में मजबूत शेल्टर ढूंढने व उनका उपयोग करने, खुले क्षेत्रों में नीचे लेटने और ब्लास्ट के प्रभाव से बचाव के लिए कानों को ढकने जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। एनएसएस और एनसीसी के स्वयंसेवकों ने घायलों की मदद करने व उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने का अभ्यास किया, जिससे संकट के समय समन्वय और साहस की महत्ता उजागर हुई।
इस अवसर पर डॉ. अर्जन सिंह, डीन, छात्र कल्याण, ने कहा कि अनिश्चितता भरी इस दुनिया में, हमारे छात्रों और स्टाफ को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में जीवित रहने के कौशल में भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। यह ड्रिल केवल एक अभ्यास नहीं था—बल्कि यह स्व-जागरूकता, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एक आवश्यक प्रयास था।

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