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विजीलैंस ब्यूरो ने कहा, जांच में मजीठिया की कंपनियों के बैंक खातों में 161 करोड़ रुपए कैश जमा होने के मिले रिकार्ड
प्राथमिक जांच से पता लगा है कि इस केस में 540 करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग मनी का कई अवैध तरीकों के साथ लेन-देन किया गया। विजिलेंस के अनुसार बिक्रम सिंह मजीठिया के कंट्रोल वाली कंपनियों के बैंक खातों में जमा 161 करोड़ रुपए नकदी, संदिग्ध विदेशी संस्थाओं के द्वारा 141 करोड़ रुपए का लेन-देन, कंपनी के वित्तीय विवरणों में बिना किसी जानकारी/ स्पष्टीकरण के 236 करोड़ रुपए की अधिक जमा राशि व मजीठिया द्वारा आय के किसी जायज़ स्रोत से बिना चल/अचल जायदाद की प्राप्ति शामिल है।
विजीलैंस ब्यूरो का कहना है कि जाँच में अब तक ग़ैर- कानूनी ढंग के साथ 540 करोड़ रुपए की ड्रग मनी की लॉन्डरिंग बारे पता चला है, जिसको बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से तत्कालीन पंजाब सरकार में एक विधायक के तौर पर और पूर्व कैबिनेट मंत्री के पद के प्रभाव और गलत ढंग के साथ प्रयोग के ज़रिये जमा किया गया था। विजिलेंस का दावा है कि बिक्रम सिंह मजीठिया व उनकी पत्नी गिनीव कौर के नाम पर चल/ अचल जायदादों में काफ़ी विस्तार हुआ है जिसके लिए आमदन का कोई जायज़ स्रोत पेश नहीं किया गया। इसके बाद बिक्रम सिंह मजीठिया को विजीलैंस ब्यूरो की तरफ से गिरफ़्तार किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि जांच को तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने और न्यायिक फ़ैसले हेतु सभी इकठ्ठा किए सबूतों को अदालत के समक्ष रखा जायेगा और उचित प्रक्रिया की पालना की जायेगी।

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