Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the news-portal domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in C:\inetpub\vhosts\cavarunsharma.in\talkingpunjab.in\wp-includes\functions.php on line 6131 एचएमवी की छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण का लिया आनंद – My CMS
जालंधर। हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में मल्टीमीडिया क्लब, हिस्ट्री एसोसिएशन तथा एडल्ट एजुकेशन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के लिए एक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के अंतर्गत छात्राओं को विरासत-ए-खालसा के साथ-साथ नैना देवी मंदिर और आनंदपुर साहिब के दर्शन करवाए गए, जिससे उन्हें क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की व्यापक जानकारी प्राप्त हुई। विरासत-ए-खालसा इस यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा, जहां छात्राओं ने आधुनिक मल्टीमीडिया तकनीकों, इंटरएक्टिव डिस्प्ले और आकर्षक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पंजाब के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जाना। इस संग्रहालय का अनुभव मल्टीमीडिया क्लब के उद्देश्यों के अनुरूप रहा, जिससे छात्राओं में डिजिटल लर्निंग और रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिला। नैना देवी में छात्राओं ने इस स्थल को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समझा। उन्होंने यहां की प्राचीनता, स्थापत्य विशेषताओं तथा स्थानीय परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात समूह ने आनंदपुर साहिब का भी भ्रमण किया, जहां छात्राओं ने इसके ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक विकास तथा प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं से इसके संबंध के बारे में अध्ययन किया। इस यात्रा ने उन्हें क्षेत्र की पहचान और विरासत को समझने का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण कक्षा में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ते हैं और विरासत, संस्कृति तथा तकनीक के समन्वय के माध्यम सेछात्राओं के समग्र विकास को प्रोत्साहित करते हैं। यह शैक्षिक यात्रा श्री आशीष चड्ढा, प्रतिमा मंडेर , बलजिंदर सिंह तथा हीना धीर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।