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कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से आए एक यात्री में पाया गया है संक्रमण.. चार अन्य लोग भी संक्रमित
इन संक्रमित व्यक्तियों को आइसोलेन वार्डों में रखा गया है। चीन में पहले से ही एचएमपी वायरस से लोग संक्रमित हो रहे हैं, ऐसे में मंकीपॉक्स संक्रमण के नए वैरिएंट ने स्वास्थ्य महकमे की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। मंकीपॉक्स के नए वैरिएंट के सामने आने के बाद चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने अन्य प्रांतों जैसे झेजियांग, ग्वांगडोंग, बीजिंग और तियानजिन में टेस्टिंग और ट्रेसिंग की सुविधा बढ़ा दी है इसके साथ ही लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की अपील की है। एमपॉक्स या मंकीपॉक्स के जो नए मामले (क्लेड 1बी) सामने आए हैं, उसमें व्यक्ति के शरीर पर लाल चकते और रैशेस देखने को मिले हैं।
संक्रमित व्यक्तियों को आइसोलेन वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। मंकीपॉक्स वायरस एक वायरल संक्रमण है जो आमतौर पर जानवरों से इंसान में फैलता है। एक अखबार को चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अधिकारियों ने कहा कि एमपॉक्स के मरीजों में चकत्ते और दाद जैसे लक्षण दिखे है। शुरू में यह शरीर पर लाल धब्बों दिखते हैं, जो आगे चलकर फफोले या फुंसी बनकर बहने लगते हैं। बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द एमपॉक्स के सामान्य लक्षण हैं।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने लोगों से संक्रमित राज्यों में जाने से बचने की सलाह दी है। सीडीसी ने कहा कि लोग अभी उन राज्यों में ना जाएं, जहां पर संक्रमण तेजी से फैल रहे हैं। सीडीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीचैट पर इसके लिए एक नोटिस जारी किया है, जिसमें लोगों से एमपॉक्स रोगियों या एमपॉक्स के संदिग्ध लक्षण दिखाने वाले व्यक्तियों के संपर्क से बचने का भी आग्रह किया गया है। यह सामान्य सर्दी और सांस से संबंधी बीमारी है व एमपॉक्स के लक्षण आमतौर पर 2-4 सप्ताह तक रहते हैं।

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