पेशी के बाद कोर्ट ने फैसले को रखा सुरक्षित .. मोहाली कोर्ट 1 अप्रैल को सुनाएगा सजा..
टाकिंग पंजाब
जालंधर। जीरकपुर की महिला से यौन उत्पीड़न करने के मामले में पादरी बजिंदर सिंह पर कानून का शिकंजा कस गया है। महिला से यौन उत्पीड़न करने के मामले में मोहाली कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने पादरी को दोषी करार दे दिया है व 1 अप्रैल को पादरी को सजा सुनाई जाएगी। चमत्कार के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाला पादरी बजिंदर सिंह महिला से रेप करने के मामले में नामजद था व सोमवार को अदालत में पेश हुआ था। कोर्ट ने उस दिन की पेशी के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया था। आज यानी शुक्रवार को केस की सुनवाई हुई और कोर्ट ने पादरी को दोषी करार दे दिया। बता दें कि जीरकपुर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पादरी बजिंदर सिंह समेत कुल 7 लोगों पर केस दर्ज किया था। केस में पादरी के साथ अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान को नामजद किया गया था। साथ ही केस में आईपीसी की धारा 376, 420, 354, 294, 323, 506, 148 और 149 लगाई गई थी। इस मामले में पादरी की गिरफ्तारी पहले भी हो चुकी है। बजिंदर सिंह पर महिला से यौन उत्पीड़न का मामला चल रहा है। महिला ने पुलिस से कहा था कि ताजपुर गांव में ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम’ के पादरी बजिंदर सिंह ने जालंधर में उसके साथ गलत हरकतें की। बजिंदर सिंह ने उसका फोन नंबर लेकर अश्लील मैसेज भेजने शुरू कर दिए। उसे चर्च में अकेले केबिन में बैठाना शुरू कर दिया। वहां वह उसके साथ गलत व्यवहार करता था। कपूरथला पुलिस ने मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित कर दी थी। इस केस की जांच सिट कर रही है। इसी मामले में युवती के बयान दर्ज में दर्ज करवाए गए हैं।