Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the news-portal domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in C:\inetpub\vhosts\cavarunsharma.in\talkingpunjab.in\wp-includes\functions.php on line 6131 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इंपैक्ट लीडरशिप समिट 2026 में पेश किया मानव विजन – My CMS
बोले, एआई सही दिशा में आगे बढ़ा तो सॉल्यूशन, दिशाहीन हुआ तो डिसरप्शन.. हमें एआई को खुला आसमान भी देना है और कमांड भी अपने हाथ में रखना है
टाकिंग पंजाब
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एआई इंपैक्ट लीडरशिप समिट को संबोधित किया। उन्होंने भारत को टेक और टैलेंट का बड़ा केंद्र बताया। पीएम मोदी ने कहा, दिलचस्प बात यह है कि जब हम ट्रांसफार्मेशन के दौर में होते हैं तो उसके वास्तविक प्रभाव का अंदाजा नहीं हो पाता। जब पत्थरों को रगड़ने से पहले चिंगारी निकली थी तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सभ्यता का नया बदलाव होगा। आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफारमेशन है। आज हम जो देख रहे हैं, इसके इंपैक्ट को महसूस कर रहे हैं, वो प्रारंभिक बदलाव ही है। यह एआई मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है। पहले टेक्नोलॉजी का इंपैक्ट दिखने में दशकों लगते थे, लेकिन मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन का ट्रांसफार्मेशन तेज भी है, गहरा भी है। न्यूक्लियर पावर का विनाशकारी असर भी देखा है, सकारात्मक असर भी देखा है। दिशाहीन हुई तो डिसरप्शन और सही दिशा में आगे बढ़े तो सॉल्यूशन। पीएम मोदी ने एआई इंपैक्ट लीडरशिप समिट 2026 में मानव विजन पेश करते हुए आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस पर यह नया मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा प्वाइंट न बना जाए। इंसान सिर्फ रॉमैटेरियल तक सीमित नहीं रह जाए, इसलिए एआई को लोकतांत्रिक स्वरूप देना होगा। इसे समावेशी माध्यम बनाना होगा, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ का। पीएम मोदी ने कहा, हमें आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस को खुला आसमान भी देना है और कमांड भी अपने हाथ में रखना है। पीएम मोदी ने कहा, जैसे जीपीएस होता है, जीपीएस हमें रास्ता सुझाता है लेकिन हमें किस डायरेक्शन में जाना है इसकी फाइनल कॉल हमारी होती है। आज हम एआई को जिश दिशा में लेकर जाएंगे वैसा ही हमारा भविष्य तय होगा। आज न्यू डेल्हीएआई इंपैक्ट समिट में मैं एआई के लिए मानव विजन प्रस्तुत करता हूं। मानव विजन कहता हूं मोरल एंड एथिकल सिस्टम, यानी एआई एथिकल गाइडेंस पर आधारित, अकाउंटेबलगर्वनेंस यानी ट्रांसपरेंट रूल्स, नेशनल सोवरनिटी जिसका डेटा उसका अधिकार, ए एक्सेसिबल एंड इन्क्लूसिव यानी एआई मोनोपोली नहीं मल्टीप्लायर बनेगी। उन्होंने कहा कि आखिर क्या है मानव विजन ? एम- यानी मानव विजन एम कहता है मॉरल एंड एथिकल सिस्टम.एआई एथिकल गाइडेंस पर आधारित हो। ए- यानी अकाउंटेबल गवर्नेंस, एन- यानी नेशनल सोवरेनटी यानी जिसका डाटा उसका अधिकार, ए- यानी एक्सेसिबल एंड इन्क्लूसिव यानी एआई मोनोपोली नहीं, मल्टिप्लेयर बने। वी- यानी वैलिड एंड लेजिटिमेट। पीएम मोदी ने कहा, दुनिया में दो तरह के लोग हैं, एक तरह के लोगों को एआई में भय दिखता है, जबकि दूसरे तरह के लोगों को इसमें भाग्य दिखता है। भारत के लोगों को इसमें भाग्य दिखता है। भारतीय कंपनियों ने इस समिट में कई एआई मॉडल लांच किए हैं। भारत जो एआई सॉल्यूशंस दे रहा है, वो उसकी उभरती ताकत का प्रतिबिंब है। भारत के पाय डाइवर्सिटी भी है, डेमोग्राफी भी है और डेमोक्रेसी भी है। भारत जो भी सॉल्यूशंस विकसित करता है, वो दुनिया भर में कारगर कर सकता है। पीएम मोदी ने भारत में डिजाइन एंड डेवलप का आह्वान किया।उधर गूगल के सीआओ सुंदर पिचाई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कफोर्स को नया स्वरूप देगा और नए अवसर उत्पन्न करेगा।