सीटी ग्रुप ने इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी पर व्यक्त किया गर्व
टाकिंग पंजाब
जालंधर। सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में आयोजित एक ऐतिहासिक “वॉलंटरी मीटिंग” ने जनभागीदारी आधारित लोकतंत्र की एक सशक्त मिसाल पेश की। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तथा आम आदमी पार्टी पंजाब के संयोजक मनीष सिसोदिया ने की। यह बैठक पारंपरिक राजनीतिक रैलियों से अलग रही, जिसमें 400 से अधिक जन समस्याओं और मुद्दों को सीधे राज्य के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत कर उनके त्वरित समाधान पर गंभीर चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक करतारपुर बलकार सिंह, राज्य महासचिव दीपक बाली तथा विधायक नकोदर इंदरजीत कौर मान उपस्थित रहीं। प्रशासनिक पक्ष का प्रतिनिधित्व जालंधर के उपायुक्त वरजीत वालिया (आईएएस) तथा पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर (आईपीएस) ने किया, जिससे प्रस्तुत किए गए मुद्दों पर प्रशासनिक दृष्टि और कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक में आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जालंधर कैंट की हल्का इंचार्ज राजविंदर कौर थियारा ने सक्रिय भागीदारी निभाई, वहीं आदमपुर के हल्का इंचार्ज पवन कुमार टीनू और जालंधर सेंट्रल के हल्का इंचार्ज नितिन कोहली ने भी चर्चा को दिशा प्रदान की।
इसके अतिरिक्त ज़िला अध्यक्ष एवं योजना बोर्ड के चेयरमैन अमृतपाल तथा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल की उपस्थिति ने बैठक को और समृद्ध किया। “वॉलंटरी मीटिंग” की जमीनी स्तर पर प्रभावशीलता उस समय और स्पष्ट हुई जब ब्लॉक स्तर के संगठन प्रभारी, युवा समन्वयक तथा महिला एवं एससी विंग के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इन प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं और जन अपेक्षाओं को सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वयं नोट्स लेते हुए ब्लॉक स्तर के नेताओं से सीधा संवाद किया, ताकि समस्याओं के समाधान स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किए जा सकें। इस मौके पर सीटी ग्रुप के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मनबीर सिंह तथा वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह की उपस्थिति रही और उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जन, संगठन और प्रशासन के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करते हैं तथा पारदर्शी और जवाबदेह शासन प्रणाली को मजबूती प्रदान करते हैं।








