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प्राचार्या प्रो. डॉ. एकता खोसला ने की शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित ‘वॉटर हीरो’ के रूप में सम्मानित, आर्किटेक्ट मीनल वर्मा ने रसोई के कूड़े से इको-फ्रैंडली घरेलू क्लीनर बनाने की एक नवाचारी विधि का प्रदर्शन किया। उन्होंने पर्यावरणीय स्थायित्व और जल संरक्षण को समर्थन देने के लिए रसायनिक आधारित उत्पादों के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने के लिए भागीदारों को प्रोत्साहित किया। ई-वेस्ट प्रबंधन पर एक सत्र गौरव, स्विच टू चेंज, एनपीओ द्वारा आयोजित किया गया, जिन्होंने समाचार पत्रों, प्लास्टिक, लेदर, पुराने इलेक्ट्रानिक्स के दान और पुनरुपयोग को बढ़ावा देकर व्यक्तिगत व्यवहार को बदलने के महत्व पर जोर दिया जिससे सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा मजबूत होती है।
डॉ. जतिंदर और सुमित ने वेस्ट पेपर रिसाइक्लिंग पर एक व्यावहारिक सत्र आयोजित किया। नवनीता ने पुरानी टी-शर्ट से बैग बनाने का प्रदर्शन किया जिससे क्रिएटिव अपसाइक्लिंग का उदाहरण पेश किया गया। यह दिन विभिन्न कूड़ा उपयोग विधियों के प्रति भागीदारों को जागरूक करने में सफल रहा। समापन समारोह में प्राचार्या प्रो. डॉ. एकता खोसला ने शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की और ग्रीन प्रैक्टिस अपनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण की तत्काल आवश्यकता के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें परिवर्तन के एजेंट के रूप में सशक्त बनाना था। सभी भागीदारों को प्रमाण पत्र और प्रोत्साहन के रूप में ‘ग्रो योर ओन गार्डन’ किट प्रदान किए गए। इस मौके पर डॉ. अंजना भाटिया, आईक्यूएसी कोआर्डिनेटर, को- कोआर्डिनेटर हरप्रीत कौर भी उपस्थित थे। प्रतिभागियों ने एक सार्थक और प्रभावशाली कार्यशाला के आयोजन के लिए एचएमवी के प्रति अपनी संतुष्टि और आभार व्यक्त किया और स्थायी विकास को बढ़ावा देने में संस्थान के प्रयासों की सराहना की।

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