सीटी ग्रुप का 11वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से संपन्न

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आईकेजी पीटीयू के कुलपति ने 1000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियाँ

टाकिंग पंजाब

जालंधर। सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने आज अपना 11वां भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। शाहपुर एवं मकसूदां परिसरों के 1000 से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियाँ प्रदान की गईं। “ज्ञान की मशाल आगे बढ़ती है” विषय पर आधारित इस समारोह में शिक्षा, गर्व और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। सरदारनी मनजीत कौर ऑडिटोरियम उत्साह और गौरव से परिपूर्ण रहा। इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, प्रबंधन, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट, विधि एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने पारंपरिक शैक्षणिक वेशभूषा में अपनी वर्षों की मेहनत का प्रतिफल प्राप्त किया।        मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल, कुलपति, आईकेजी पीटीयू ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को नवाचार, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में प्राप्त शिक्षा को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज हित में उपयोग करना ही वास्तविक सफलता है। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री दीपक बाली (सलाहकार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग, पंजाब), डॉ. अनुपम दीप शर्मा (सीजीसी यूनिवर्सिटी, झांझेरी), सर्वजीत सिंह समरा (एमडी एवं सीईओ, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक), डॉ. नवदीपक संधू (रजिस्ट्रार, आईकेजी पीटीयू) तथा कामना अग्रवाल (जीडीपीए फास्टनर्स) उपस्थित रहे।        इस अवसर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।समारोह की अध्यक्षता करते हुए सीटी ग्रुप के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने स्नातकों को “ज्ञान के मशालवाहक” बताते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रबंध निदेशक डॉ. मनबीर सिंह, संयुक्त प्रबंध निदेशक तनिका चन्नी, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एडवोकेट मनजिंदर, डॉ. नितिन टंडन तथा परिसर निदेशक डॉ. शिव कुमार और डॉ. अनुराग शर्मा के नेतृत्व में समारोह का सफल आयोजन किया गया। समारोह का समापन पारंपरिक टोपी उछालने की रस्म के साथ हुआ, जो विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और असीम संभावनाओं का प्रतीक बना।

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