आंसू व रहम की अपील नहीं आई काम.. माननीय कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास का फरमान

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कोर्ट में गिड़गिड़ाने लगा पादरी बजिंदर सिंह.. बोला, मेरे बच्चे छोटे हैं व पत्नी बीमार है.. टांग में रॉड डली है, रहम किया जाए …

टाकिंग पंजाब

चंडीगढ। खुद को गरीबों का मसीहा कहने वाले पादरी बजिंदर सिंह पर 7 साल पहले एक महिला ने रेप का आरोप लगाया था। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई तो मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। इस मामले में अब पादरी बजिंदर सिंह को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना दी है। मोहाली कोर्ट ने जब बजिंदर सिंह को सजा सुनाई तो सजा से बचने के लिए पादरी बजिंदर कोर्ट में गिड़गिड़ाने लगा। उसने कहा, मेरे बच्चे छोटे हैं व पत्नी बीमार है। मैं सोशल आदमी हूं, मेरी टांग में रॉड डली हुई है, इसलिए मुझ पर रहम किया जाए।     मगर कोर्ट ने उसकी इन सभी दलीलों को खारिज करते हुए उसे सजा सुना दी। हालांकि बजिंदर सिंह को कोर्ट ने 3 दिन पहले ही दोषी करार दे दिया था। इसके बाद उसे पटियाला जेल में बंद कर दिया गया था। बजिंदर पर आरोप है कि वह विदेश में बसाने के बहाने महिला को अपने घर ले गया, जहां उसका रेप कर वीडियो बनाया। उसे धमकी भी दी कि अगर उसका विरोध किया तो वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल देगा। इसके बाद महिला डरी नहीं व उसने पादरी बजिंदर के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया था। इस मामले में पीड़ित के वकील ने बताया कि कोर्ट ने बजिंदर को सजा सुनाते हुए कहा कि उसे अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा।   इस केस का फैंसला आने के बाद पीड़ित ने सजा पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि यह केस 7 साल से दबा हुआ था, लेकिन वकीलों, पुलिस व कोर्ट ने इसमें जान डाल दी। आपको बता दें कि यह सजा ऐसे समय पर हुई है, जब बजिंदर सिंह एक और यौन उत्पीड़न व एक अन्य महिला से मारपीट के मामलों में फंसा हुआ है। बजिंदर के खिलाफ दूसरा मामला महिला से मारपीट का है। इसका खुलासा एक वीडियो सामने आने के बाद हुआ था। 16 मार्च को सामने आए वीडियो में बजिंदर सिंह एक महिला को थप्पड़ मारता दिख रहा था। इससे पहले उसने बच्चे के साथ बैठी इस महिला के मुंह पर कॉपी भी फेंक कर मारी थी। वायरल हुआ वीडियो 14 फरवरी का था।     क्या था मामला व किस मामले में हुई सजा.. जानिए ..

    दरअसल बजिंदर सिंह पर 2018 में रेप, मारपीट व धमकी देने के मामले में मोहाली के जीरकपुर थाने में केस दर्ज हुआ था। महिला का कहना था कि वह विदेश में बसना चाहती थी। इसके लिए उसने बजिंदर से संपर्क किया। बजिंदर उसे मोहाली स्थित अपने सेक्टर 63 स्थित घर में ले गया, जहां उसके साथ रेप कर वीडियो भी बनाया। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद 2018 में ही बजिंदर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में बजिंदर को जेल से जमानत पर छोड़ दिया गया था।   इसी महीने की शुरुआत में यानि 3 मार्च को कोर्ट ने बजिंदर सिंह व अन्य 5 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इस दौरान केस की सुनवाई हुई व 28 मार्च को मोहाली कोर्ट ने इस मामले में बजिंदर सिंह को दोषी करार दे दिया था। हालांकि इस केस के बाकी 5 आरोपियों, पादरी जतिंदर कुमार व अकबर भट्‌टी, राजेश चौधरी, सितार अली व संदीप पहलवान को बरी कर दिया गया है। इनके अलावा एक अन्य आरोपी सुच्चा सिंह की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। हालांकि महिला के पति का कहना है कि बरी हुए लोगों को सजा दिलाने के लिए व उच्च अदालत का दरवाजा खट-खटाऐंगे।पीड़िता के पति ने लगाया था 5 करोड़ की आफर का आरोप

   इस मामले में पीड़ित महिला के पति का कहना है कि बजिंदर सिंह ने केस वापस लेने के लिए काफी दबाव बनाया था। इसके चलते उन पर क्रॉस केस दर्ज कराए गए व झूठे केस भी दर्ज हुए। उन्हें बुड़ैल, कपूरथला की जेल में भी रहना पड़ा, जिसके बावजूद वह नहीं झुके। जब डरा-धमका कर बात नहीं बनी तो पैसों का ऑफर देना शुरू किया। बजिंदर का एक सीनियर अधिकारी 5 करोड़ रुपए का ऑफर लेकर आया था, लेकिन हमने उसे ठुकरा दिया था।

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